असोला भाटी वन्य जीव अभ्यारण में घूमने के लिए इलेक्ट्रिक कार मुहैया कराएगी सरकार

—-केजरीवाल चार अक्टूबर को करेंगे विंटर एक्शन प्लान की घोषणा

—नीली झील का सरकार कराएगी सौंदर्यीकरण

नई दिल्ली। दिल्ली के असोला भाटी वन्य जीव अभ्यारण में मौजूद नीली झील का दिल्ली सरकार सौंदर्यीकरण कराएगी। अभ्यारण में घूमने आने वाले लोगों के लिए इलेक्ट्रिक कार और गाइड की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। यहां के लिए ऑनलाइन बुकिंग भी शुरू की जाएगी।

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने शनिवार को असोला भाटी वन्य जीव अभ्यारण में वन्यजीव संरक्षण सप्ताह की शुरुआत करते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल चार अक्टूबर को ‘विंटर एक्शन प्लान’ की घोषणा करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए सभी विभागों से सुझाव आ चुके हैं।

   पर्यावरण मंत्री ने कहा कि विंटर एक्शन प्लान की घोषणा के बाद दिल्ली के अंदर प्रदूषण के खिलाफ युद्ध स्तर पर चौतरफा अभियान शुरू करेंगे। इसके तहत वाहन प्रदूषण,  धूल प्रदूषण, बायोमास बर्निग, पराली प्रदूषण सहित सभी प्रकार के प्रदूषण के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।

पर्यावरण मंत्री ने कहा कि अभ्यारण में मौजूद झील का सौंदर्यीकरण सरकार अब प्राथमिकता के आधार पर करेगी। जिससे लोगों को यह महसूस हो सके कि आसपास अगर हरे पौधे लगाएं तो हवा कैसी हो सकती है। उन्होंने कहा कि वन विभाग की तरफ से यहां घूमने आने वाले लोगों के लिए इलेक्ट्रिक कार की सुविधा दी जाएगी, जिससे अधिक से अधिक लोग इस हवा का अनुभव कर सकें। उनको महसूस हो सके कि विकास के जिस टापू पर रहते हैं, वहां की हवा का क्या अनुभव है और इस जंगल के अंदर की हवा का क्या अनुभव है। अभ्यारण में साइकिल ट्रैक का निर्माण किया गया है, ताकि लोग यहां आकर साइकिलिंग कर सकें। साइकिल ट्रैक को और बेहतर बनाया गया है। इसके अलावा आगामी दिनों में यहां अलग-अलग प्रतियोगिता और ट्रेनिंग कैंपों का आयोजन किया जाएगा।

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वन्यजीवों के प्रति जागरूक किया जाएगा

आठ अक्तूबर तक चलने वाले वन्यजीव संरक्षण सप्ताह की शृंखला में लोगों को वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा। पर्यावरण मंत्री ने कहा कि वन विभाग वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ हरित दिल्ली बनाने के लिए भी दिन-रात काम कर रहा है। लाखों पौधे अलग-अलग जगहों पर लगाए गए हैं। पर्यावरण मंत्री ने कहा कि पर्यावरण संतुलन में जीव-जंतुओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। प्रकृति ने जो कुछ भी पैदा किया है, उसे कोई न कोई काम देकर भेजा है। एक ऐसी शृंखला विकसित की है, जिससे एक-दूसरे से मिलकर प्राकृतिक संतुलन बना रहे। उन्होंने कहा कि स्वस्थ इंसान और स्वस्थ दिमाग के लिए पर्यावरण के संतुलन को विकसित करना देश की राजधानी दिल्ली का पहला कार्य बन गया है।

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