युवराज सिंह का T20 करियर जिसकी वजह से हुआ बर्बाद, सुननी पड़ी गालियां, उस खिलाड़ी ने लिया संन्यास | When Lasith malinga almost ended Yuvraj Singh T20I career India vs Sri lanka 2014 World T20 final

युवराज सिंह को 2014 वर्ल्ड टी20 के फाइनल के बाद काफी भला-बुरा सुनना पड़ा था.

इस मैच के बाद करीब दो साल तक युवराज टी20 टीम से बाहर रहे. 2016 में जाकर उनकी वापसी हुई लेकिन वे पहले जैसा खेल नहीं दिखा सके और 2017 में उन्होंने अपना आखिरी इंटरनेशनल टी20 मैच खेला.

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श्रीलंका के तेज गेंदबाज लसित मलिंगा (Lasith Malinga) ने क्रिकेट से संन्यास ले लिया. वे केवल टी20 वर्ल्ड कप के लिए रुके हुए थे लेकिन जब श्रीलंकन टीम (Sri Lanka Cricket Team) में उनका चयन नहीं हुआ तो उन्होंने क्रिकेट छोड़ने का ऐलान कर दिया. लसित मलिंगा ने वनडे और टेस्ट क्रिकेट तो पहले ही छोड़ दिया था. लेकिन कहा था कि वे टी20 वर्ल्ड कप में खेलना चाहते हैं. मगर ऐसा हो नहीं पाया. श्रीलंकाई खिलाड़ी ने टी20 क्रिकेट के इंटरनेशनल मुकाबलों में 107 विकेट लिए. वे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं. साथ ही श्रीलंका को टी20 वर्ल्ड कप जिताने का सेहरा भी उनके सिर ही सजा है. 2014 में उन्होंने बांग्लादेश में हुए इस टूर्नामेंट में श्रीलंका को कप दिलाया था. टूर्नामेंट के फाइनल में भारत को हार मिली थी. मुकाबले के दौरान लसित मलिंगा ने कमाल की गेंदबाजी की थी. उनके शानदार खेल के चलते युवराज सिंह का करियर लगभग खत्म ही हो गया था. साथ ही युवी को काफी आलोचना झेलनी पड़ी थी. तो क्या थी इस मैच की कहानी?

2014 वर्ल्ड टी20 का फाइनल मीरपुर के शेरे बांग्ला स्टेडियम में खेला गया था. श्रीलंका के कप्तान लसित मलिंगा ने टॉस जीता और पहले बॉलिंग चुनी. भारत ने पहले बैटिंग करते हुए अजिंक्य रहाणे का विकेट सस्ते में गंवा दिया था. लेकिन रोहित शर्मा (29) और विराट कोहली (77) के बीच दूसरे विकेट के लिए 60 रन की साझेदारी हुई. 11वें ओवर में रोहित शर्मा आउट हुए और मैदान में युवराज सिंह आए. तब लग रहा था कि भारत आराम से 150 से ऊपर का स्कोर बना लेगा. मगर युवी के बल्ले से रन नहीं आए. पहले श्रीलंकन स्पिनर्स रंगना हेराथ और सचित्र सेनानायके ने उन्हें खुलने का मौका नहीं दिया. फिर मलिंगा की गेंदों पर भी उनके रन नहीं आए. हालांकि दूसरे छोर पर कोहली के बल्ले से दनादन रन निकल रहे थे. 16वें ओवर में भारत का स्कोर दो विकेट पर 111 रन हो गया. फिर 17वें और 18वें ओवर से केवल चार-चार रन आए. इन ओवरों में युवी ने 12 में से आठ गेंद खेली लेकिन केवल चार रन बना सके.

21 गेंद में 11 रन बनाकर आउट हुए युवी

आखिरकार 19वें ओवर की पहली गेंद पर वे नुवान कुलासेकरा की गेंद पर आउट हुए. वे 21 गेंद में 11 रन बनाने के बाद आउट हुए. इस पारी से भारत के हाथ से बड़े स्कोर का मोमेंटम जाता रहा. भारतीय टीम आखिरी दो ओवर में 11 रन ही बना सकी और चार विकेट पर 130 रन के स्कोर तक पहुंची. कोहली 58 गेंद में पांच चौकों और चार छक्कों से 77 रन बनाकर रन आउट हुए. धोनी भी आखिरी ओवरों में बड़ा शॉट लगाने में विफल रहे और सात गेंद में चार रन बना सके. लसित मलिंगा को कोई विकेट तो नहीं मिला लेकिन उन्होंने चार ओवर में केवल 27 रन दिए और भारत के बड़े स्कोर तक नहीं पहुंच पाने में अहम रोल निभाया.

संगकारा की फिफ्टी और जीता श्रीलंका

पिच पर रन बनाना आसान नहीं था लेकिन श्रीलंका ने कुमार संगकारा के नाबाद 52 रन की मदद से लक्ष्य को 17.5 ओवर में चार विकेट गंवाकर हासिल कर लिया. थिसारा परेरा ने उनका बढ़िया साथ दिया और 14 गेंद में नाबाद 23 रन उड़ाए. इस तरह श्रीलंका ने पहली बार टी20 वर्ल्ड कप जीत लिया. वह यह टूर्नामेंट जीतने वाला पांचवां देश बना. उससे पहले भारत, पाकिस्तान, इंग्लैंड और वेस्ट इंडीज यह कमाल कर चुके थे.

मैच के बाद जहां श्रीलंका में जश्न था तो भारत में निराशा थी. और लोगों के गुस्से का शिकार बने युवराज सिंह. उनके बारे में काफी कुछ उल्टा-सीधा लिखा गया. इस मैच के बाद करीब दो साल तक युवराज टी20 टीम से बाहर रहे. 2016 में जाकर उनकी वापसी हुई लेकिन वे पहले जैसा खेल नहीं दिखा सके और 2017 में उन्होंने अपना आखिरी इंटरनेशनल टी20 मैच खेला.

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