युवा बागवानी क्षेत्र में करियर बनाकर रोजगार उपलब्ध करवाए

  • गार्डन क्लब सर्टिफिकेट कोर्स का समापन समारोह

अमरावती/दि.7 – युवा बागवानी क्षेत्र में अपना करियर बनाकर रोजगार उपलब्ध करवाए ऐसा प्रतिपादन डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विद्यापीठ के कुलपति डॉ. विलास भाले ने कहा. वे अमरावती गार्डन क्लब की ओर से 1 अगस्त से 3 अक्तूबर तक उद्यान प्रेमियों, छात्रों और गृहणियों के लिए गार्डन रिवाइटलाइजिंग आइडियल नीसिटीज (GRIN) पर दो महीने का सर्टिफिकेट कोर्स आयोजित किया था. जिसके समापन के अवसर पर बोल रहे थे.
श्री शिवाजी विज्ञान महाविद्यालय अमरावती, श्री शिवाजी उद्यानविद्यालय अमरावती, विनायक विज्ञान विद्यालय नांदगांव खंडे, राजर्षी शाहू विज्ञान महाविद्यालय चांदूर रेल्वे इनके सहयोग से एवं किरण नर्सरी और गार्डन अमरावती के तत्वावधान में तकनिकी सहायता से यह पाठ्क्रम पूरा हुआ.
समापन समारोह की अध्यक्षता अमरावती गार्डन क्लब के अध्यक्ष डॉ. दिनेश खेडकर ने की थी तथा प्रमुख अतिथि के रुप में डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. विलास भाले, सुभाष भावे, गार्डन क्लब के उपाध्यक्ष डॉ. शशांक देशमुख मंच पर उपस्थित थे. इस कार्यक्रम में सहभाग लेने वाले दस प्रतियोगियों को बेस्ट परफार्मर अवार्ड से पूरे पाठ्यक्रम में लगातार भागीदारी और उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिये सम्मानित किया.
इस अवसर पर प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कुलपति डॉ. विलास भाले ने गार्डन क्लब की शैक्षिक क्षेत्र में इजाफा करने की पहल की सराहना की. वर्तमान में कौशल पर आधारित शिक्षा की आवश्यकता है. जिसके लिए विशेष सलाहकारों ने छात्रों को कौशल लैस करने के लिये कार्य करना चाहिए यह विचार व्यक्त किया. उन्होंने युवाओं को बागवानी के क्षेत्र में करियर बनाने और इस पाठ्यक्रम से प्राप्त का उपयोग कर कई लोगों को रोजगार प्रदान करने की अपील की.
डॉ. दिनेश खेडकर ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि इस परियोजना के पीछे मुख्य उद्देश्य बागवानी के क्षेत्र में कुशल पेशेवरों की कमी को पूरा करना है. प्रत्येक विषय में विशेष ने उनकी कडी मेहनत से प्रतिभागियों को व्यवहारिक अनुभव देने हेतु किये प्रयासों क लिए धन्यवाद दिया. इस अवसर पर क्लब की पूर्व अध्यक्ष डॉ. सुचिता खोडके के समन्वय से सिद्ध हुए पुस्तिका का प्रकाशन मुख्य अतिथियोें के हस्ते किया गया. पुस्तिका मेेंं देश भर के विशेषज्ञों के लेख शामिल है.
क्लब की सचिव डॉ. रेखा मग्गीवार ने कार्यक्रम की शुरुआत में पूरे पाठ्यक्रम की समीक्षा कर सभी को सारांश दिया. हर रविवार को दोपहर 12 से 3 बजे तक वैज्ञानिक जानकारी पर मार्गदर्शन और प्रात्यक्षिक सत्र आयोजित किए गए. भाग लेने वाले नागरिकों ने प्रत्येक सप्ताह कार्यशालाओं पर आधारित विषयों पर अपनी रचनाएं प्रस्तुत की. यह सटिर्फिकेट कोर्स दस सत्रों में पास हुआ. दो महा चले इस कोर्स में देश भर से बडी संख्या में बागवानी विशेषज्ञ, छात्र, गृहणियां, नर्सरी मालिक, कॉर्पोरेट और कृषि इच्छूक, इंटीरियर डेकोरेटर, इंटीरियर, डिजाइनर, आर्किटेक्ट और विभिन्न पेशेवरों ने सहभाग लिया. कार्यक्रम का संचालन डॉ. गजेंद्र पचलोरे ने किया तथा गार्डन क्लब कार्यकारी परिषद सदस्य डॉ. गणेश हेडाऊ, डॉ. उमेश कनेरकर, प्रा. मयूर गावंडे, अनिल भोडे तथा सलाहगार समिति के सभी सदस्यों ने अपना योगदान दिया.