विपरीत परिस्थितियों में भी नहीं ठहरे करियर की राह पर बड़े कदम

कासगंज संवाद सहयोगी परिस्थितियां कितनी भी विपरीत क्यों न हो लेकिन जब आधी आबादी विपरीत परिस्थितियों को पैरों तले रौंदती हुई आगे बढ़ती है तो परिस्थितियों को भी घुटने टेकने पड़ते हैं।

कासगंज, संवाद सहयोगी: परिस्थितियां कितनी भी विपरीत क्यों न हो लेकिन, जब आधी आबादी विपरीत परिस्थितियों को पैरों तले रौंदती हुई आगे बढ़ती है तो परिस्थितियों को भी घुटने टेकने पड़ते हैं। करियर की राह पर यह किसी को बाधा नहीं बनने देतीं। इसका प्रमाण हैं कासगंज शहर के मध्यम वर्गीय परिवार की बेटी मीनू धनगर। वो खेल की दुनिया में तेजी के साथ आगे बढ़ीं। फुटबॉल के खेल में रुचि रखने वाली मीनू अमेरिका तक परचम फहरा चुकी हैं। आर्थिक समस्याओं ने उसके कदमों में बेड़ियां डालने की कोशिश की, लेकिन हौसलों के कदमों ने बेड़ियों को तोड़ दिया।

शहर के माल गोदाम रोड निवासी हरिशंकर पेशे से अधिवक्ता हैं। उनकी बेटी मीनू खेल के प्रति जागरूक रहीं। स्कूल कॉलेज की प्रतियोगिताओं में दौड़ में बाजी मारने वाली यह बिटिया अमेरिका तक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुकी है। उसने खेल की दुनिया में नई ऊंचाइयां पाईं। खेल के गुरु के रूप में डॉ प्रवीण जादौन को चुना। फिर उद्देश्य बनाया कि वह खेल की दुनिया में अपना नाम रोशन करेंगी।

उसने ऐसा कर भी दिखाया। वर्ष 2019 में अमेरिका के फ्लोरिडा में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया। मीनू भारत की ओर से टीम की अहम सदस्य थीं। इस प्रतियोगिता में भारतीय टीम रनर रही थीं। मीनू के अमेरिका जाने में आर्थिक समस्या आड़े आई, लेकिन समाजसेवियों ने मीनू के हौसलों को बुलंद किया और आर्थिक मदद की। मीनू कहती हैं उन्हें चेतन गौरव शिरोमणी अवार्ड, नेशनल यूथ आईकॉन अवार्ड, स्वामी विवेकानंद आवार्ड, राष्ट्रीय युवा सम्मान अवार्ड, नेशनल अवार्ड ऑफ ऑनर मिल चुके हैं। अब उनका उद्देश्य देश के लिए खेलना और देश के लिए जीतना।

Edited By: Jagran