Asean India Business Summit: External Affairs Minister S Jaishankar Said, Coronavirus Showed Many Flaws – आसियान-भारत व्यापार शिखर सम्मेलन: विदेश मंत्री जयशंकर बोले- कोरोना ने दिखाईं कई खामियां

सार

जयशंकर के मुताबिक संकट अक्सर सृजनात्मकता का आधार बनता है। इस संकट से मजबूती के साथ बाहर आना ही हमारा प्रयास होना चाहिए। कोविड-19 उत्पादन क्षेत्र में भारत की प्रगति को रेखांकित करते हुए जयशंकर ने कहा, हमारे वैश्विक सहयोग ने हमें दुनिया के लिए एक प्रमुख वैक्सीन उत्पादन केंद्र के रूप में उभरने में सक्षम बनाया।

विदेश मंत्री एस जयशंकर
– फोटो : पीटीआई

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आसियान को भारत के वैश्विक आर्थिक जुड़ाव का प्रमुख केंद्र बताते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बृहस्पतिवार को कहा, हम दक्षिण पूर्व एशियाई ब्लॉक के साथ साझेदारी के लिए निर्धारित महत्वाकांक्षा के स्तर पर एक बार फिर जाना चाहते हैं। आसियान के साथ भारत के रिश्ते इतिहास, भूगोल व संस्कृति में निहित हैं।
 
भारत-आसियान व्यापार शिखर सम्मेलन में विदेश मंत्री ने कहा, बीते वर्षों में हमारे पारस्परिक हितों और विकास की क्षमता के बारे में बढ़ती जागरूकता से आसियान को नई ऊर्जा मिली है। 25 वर्षों में हमारा सहयोग बढ़ने के साथ, साझेदारी के नए पहलु उभर के सामने आए। कोरोना का उदाहरण देते हुए जयशंकर ने कहा, इस महामारी ने हमारे सामने एक पृष्ठभूमि पेश की है कि कैसे अधिकांश देश कैसे आर्थिक नीति अपनाते हैं और जीवन जीने के तरीके को आकार देते हैं। 

संकट के दो वर्षों में अंतरराष्ट्रीय व्यापार सहयोग के लिए चार क्षेत्र तेजी से सामने आए हैं। ये हैं लचीली एवं विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला, स्वास्थ्य सुरक्षा, विकास के लिए डिजिटल और हरित एवं स्थायी सुधार। 

कोरोना ने दिखाईं स्वास्थ्य प्रणाली की कई खामियां 
जयशंकर ने कहा, कोरोना महामारी में वैश्विक स्वास्थ्य प्रणाली की कई खामियां हमारे सामने आईं। इन्हें दूर करने के चार मंत्र हैं- सार्थक साझेदारी, उन्नत तकनीकों को साझा करना, वैक्सीन और दवा उत्पादन में सहयोग, क्षमता निर्माण और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी में पारदर्शिता। 

संकट ही सृजनात्मकता का आधार 
जयशंकर के मुताबिक संकट अक्सर सृजनात्मकता का आधार बनता है। इस संकट से मजबूती के साथ बाहर आना ही हमारा प्रयास होना चाहिए। कोविड-19 उत्पादन क्षेत्र में भारत की प्रगति को रेखांकित करते हुए जयशंकर ने कहा, हमारे वैश्विक सहयोग ने हमें दुनिया के लिए एक प्रमुख वैक्सीन उत्पादन केंद्र के रूप में उभरने में सक्षम बनाया। वास्तव में हमने सहयोग के नवीन तरीकों को भी देखा है, इसमें क्वाड देशों की पहल भी शामिल है। उन्होंने कहा, कोविड -19 ने पहले से प्रगति की राह पर चल रही वैश्विक मूल्य श्रृंखला के विविधीकरण को अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया। 

भारत ने दो तरफा कारोबार को बढ़ावा दिया: सिंगापुर
सिंगापुर के विदेशमंत्री विवियन बालाकृष्णन ने कहा, भारत ने हाल के दिनों में दो तरफा कारोबार को बढ़ावा दिया है। उसके इस प्रयास से सिंगापुर काफी प्रभावित हुआ है। भारत सदैव आसियान को केंद्र में रखकर मुक्त व समावेशी क्षेत्रीय ढांचे को बढ़ावा देता रहा। उसकी इस पहल से व्यापार के मौके और निवेश बढ़ा है। हम चाहते हैं कि एक्ट ईस्ट पॉलिसी के तहत आसियान में भारत की भूमिका और नवोन्मेष के क्षेत्र में सहयोग का दायरा बढ़े।

विस्तार

आसियान को भारत के वैश्विक आर्थिक जुड़ाव का प्रमुख केंद्र बताते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बृहस्पतिवार को कहा, हम दक्षिण पूर्व एशियाई ब्लॉक के साथ साझेदारी के लिए निर्धारित महत्वाकांक्षा के स्तर पर एक बार फिर जाना चाहते हैं। आसियान के साथ भारत के रिश्ते इतिहास, भूगोल व संस्कृति में निहित हैं।

 

भारत-आसियान व्यापार शिखर सम्मेलन में विदेश मंत्री ने कहा, बीते वर्षों में हमारे पारस्परिक हितों और विकास की क्षमता के बारे में बढ़ती जागरूकता से आसियान को नई ऊर्जा मिली है। 25 वर्षों में हमारा सहयोग बढ़ने के साथ, साझेदारी के नए पहलु उभर के सामने आए। कोरोना का उदाहरण देते हुए जयशंकर ने कहा, इस महामारी ने हमारे सामने एक पृष्ठभूमि पेश की है कि कैसे अधिकांश देश कैसे आर्थिक नीति अपनाते हैं और जीवन जीने के तरीके को आकार देते हैं। 

संकट के दो वर्षों में अंतरराष्ट्रीय व्यापार सहयोग के लिए चार क्षेत्र तेजी से सामने आए हैं। ये हैं लचीली एवं विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला, स्वास्थ्य सुरक्षा, विकास के लिए डिजिटल और हरित एवं स्थायी सुधार। 

कोरोना ने दिखाईं स्वास्थ्य प्रणाली की कई खामियां 

जयशंकर ने कहा, कोरोना महामारी में वैश्विक स्वास्थ्य प्रणाली की कई खामियां हमारे सामने आईं। इन्हें दूर करने के चार मंत्र हैं- सार्थक साझेदारी, उन्नत तकनीकों को साझा करना, वैक्सीन और दवा उत्पादन में सहयोग, क्षमता निर्माण और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी में पारदर्शिता। 

संकट ही सृजनात्मकता का आधार 

जयशंकर के मुताबिक संकट अक्सर सृजनात्मकता का आधार बनता है। इस संकट से मजबूती के साथ बाहर आना ही हमारा प्रयास होना चाहिए। कोविड-19 उत्पादन क्षेत्र में भारत की प्रगति को रेखांकित करते हुए जयशंकर ने कहा, हमारे वैश्विक सहयोग ने हमें दुनिया के लिए एक प्रमुख वैक्सीन उत्पादन केंद्र के रूप में उभरने में सक्षम बनाया। वास्तव में हमने सहयोग के नवीन तरीकों को भी देखा है, इसमें क्वाड देशों की पहल भी शामिल है। उन्होंने कहा, कोविड -19 ने पहले से प्रगति की राह पर चल रही वैश्विक मूल्य श्रृंखला के विविधीकरण को अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया। 

भारत ने दो तरफा कारोबार को बढ़ावा दिया: सिंगापुर

सिंगापुर के विदेशमंत्री विवियन बालाकृष्णन ने कहा, भारत ने हाल के दिनों में दो तरफा कारोबार को बढ़ावा दिया है। उसके इस प्रयास से सिंगापुर काफी प्रभावित हुआ है। भारत सदैव आसियान को केंद्र में रखकर मुक्त व समावेशी क्षेत्रीय ढांचे को बढ़ावा देता रहा। उसकी इस पहल से व्यापार के मौके और निवेश बढ़ा है। हम चाहते हैं कि एक्ट ईस्ट पॉलिसी के तहत आसियान में भारत की भूमिका और नवोन्मेष के क्षेत्र में सहयोग का दायरा बढ़े।