Bhopal Arts And Culture News The evening of Gamak was filled with ghazals of famous poets

Publish Date: | Fri, 10 Sep 2021 07:52 AM (IST)

Bhopal Arts And Culture News: भोपाल (नवदुनिया रिपोर्टर)। गमक श्रृंखला के अंतर्गत गुरुवार शाम सिकंदर मलिक ने दास्तान-ए-दारा शिकोह पेश की। वहीं शाम- ए- मौसीकी में भोपाल की उपासना सारंग त्यागी और साथियों द्वारा गजलों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम मध्यप्रदेश उर्दू अकादमी की ओर से आयोजित किया गया।

सिकंदर मलिक ने दारा शिकोह की 362वीं बरसी पर उनके जीवन की दास्तान को पेश किया। इस बीच उन्होंने दारा शिकोह से जुड़ी नज्म- जिसको बनाया था उसके फलसफों ने खास, शहजादा था वो बादशाह के था सबसे पास… सुनाई। दारा एक नाम है जिसे पर्शिया के बादशाह से लिया गया। दारा नाम रखते समय कहा गया कि दारा की काबिलियत, हुनर और काम से दुनिया दारा शिकोह को पहचानेगी। उल्लेखनीय है कि दारा शिकोह शाहजहां के उत्तराधिकारी थे। वो भारत का एक ऐसा बादशाह बनने का सपना देख रहे थे जो बादशाहत के साथ-साथ दर्शन, सूफिज्स और आध्यात्मिकता पर भी महारत रखता हो। दारा अपने समय के प्रमुख हिन्दुओं, बौद्धों, जैनियों, ईसाइयों और मुस्लिम सूफियों के साथ उनके धार्मिक विचारों पर करते थे। इस्लाम के साथ, उनकी हिन्दू धर्म में भी गहरी रुचि थी। वो सभी धर्मों को समानता की नजर से देखते थे। उन्होंने बनारस से पंडितों को बुलाया और उनकी मदद से हिन्दू धर्म के ‘उपनिषदों” का फारसी भाषा में अनुवाद कराया था।

गमक के मंच से दूसरी प्रस्तुति शाम-ए-मौसीकी की हुई, जिसमें गायक उपासना सारंग त्यागी एवं साथियों ने नामचीन गजलों की प्रस्तुति दी। उन्होंने दुष्यंत कुमार की की गजल- नजर नवाज नजारा बदल न जाए कहीं… सुदर्शन फाकिर की गजल- किसी रंजिश को हवा दो कि मैं जिंदा हूं अभी…, नारायण अग्रवाल की- सुर के घुंघरू बांध पैर में, आज श्याम मैं नाचूंगी… गजल की प्रस्तुति दी। प्रस्तुति का अंत उन्होंने कतील शिफाई की गजल – तेरे खयाल को दिल से कभी जुदा न करूं… से किया। इनके साथ तबले पर नईम अल्लाहवाले, गिटार पर मो. अरशद, की-बोर्ड पर मुकेश कटारे एवं आक्टोपेड पर मो. समी ने संगत दी।

गमक में आज – श्रृंखला के अंतर्गत शुक्रवार शाम सात बजे साहित्य अकादमी की ओर से उज्जैन की कलाकार पलक पटवर्धन और साथी कलाकार साहित्यिक सांगीतिक प्रस्तुति में शौर्य गाथा पेश करेंगे एवं निमाड़ी कवियों द्वारा रचनाओं का पाठ किया जाएगा। इसमें कवि हरीश दुबे (महेश्वर), कवि प्रदीप नवीन (सनावद), कवि सदाशिव कौतुक, कवि महोश जोशी (खरगोन), कवि विजय जोशी (महेश्वर) रचनाओं की प्रस्तुति देंगे। प्रस्तुति का प्रसारण संस्‍कृति विभाग के यूट्यूब चैनल और फेसबुक पेज पर लाइव किया जाएगा।

Posted By: Ravindra Soni

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