Crime – मियागंज की पांच ग्राम पंचायतों में 19.78 लाख का घोटाला

ख़बर सुनें

चकलवंशी। मियागंज की पांच ग्राम पंचायतों में 19.78 लाख का घोटाला किया है। कमेटी ने सीडीओ को जांच रिपोर्ट देते हुए पंचायत सचिव को दोषी माना है। कमेटी ने उनसे सरकारी राशि की रिकवरी कराने की संस्तुति की है। सीडीओ दिव्यांशु पटेल ने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर बड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ब्लाक प्रमुख धर्मेंद्र सिंह की शिकायत पर सीडीओ ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित की थी। टीम में बीडीओ पंकज गौतम, आरईएस के अवर अभियंता मुकेश कुमार व लघु सिंचाई जेई राजेश कुमार को शामिल किया गया था। टीम ने गांव जाकर जांच पड़ताल की तो घोटाले का खुलासा हुआ। बीडीओ ने रिपोर्ट सीडीओ को भेजकर इन गांवों के पंचायत सचिव अनिल राना को घोटाले का दोषी मानते हुए सरकारी धनराशि की रिकवरी कराने की संस्तुति की है।
अहमदपुर टकटौली ग्राम पंचायत में 100 हैंडपंप मरम्मत एवं एक रीबोर के लिए 3.41 लाख रुपये निकाले गए। मौके पर 50 हैंडपंप एवं एक का रीबोर नहीं मिला। 1.44 लाख का भुगतान बिना कार्य कराए ही कर दिया गया। प्रशासनिक मद से 1.04 लाख का फर्जी भुगतान किए जाने की पुष्टि हुई। रामसजीवन के घर से रामकेशन के घर तक खड़ंजा निर्माण 10 साल पहले कराया गया था। इसी निर्माण का 99534 रुपये का फर्जी भुगतान किया गया।
सुंधारी खुर्द में हैंडपंप एवं रीबोर में 3.45 लाख रुपये का भुगतान किया गया। जांच में 60 हैंडपंप की मरम्मत और एक का रीबोर नहीं मिला। इसमें 1.33 लाख का भुगतान बिना कार्य किए ही करने की पुष्टि हुई। सामुदायिक शौचालय में 2.83 लाख रुपये का ज्यादा भुगतान किया गया। गांव में ही 6.51 लाख रुपये का फर्जी भुगतान कई मदों में दिखाया गया।
गोबरि में हैंडपंप मरम्मत एवं रीबोर में 49420 रुपये का भुगतान किया गया। जांच में पता चला कि दो हैंडपंपों का रीबोर नहीं हुआ। 48220 रुपये का भुगतान बिना कार्य कराए ही कर दिया गया।
बिनैका ग्राम पंचायत में हैंडपंप मरम्मत एवं रीबोर में 1.35 लाख का भुगतान किया गया। जांच में 10 हैंडपंप और एक रीबोर का कार्य मौके पर नहीं पाया गया। इसमें 53350 रुपये का भुगतान बिना कार्य कराए ही कर दिया गया। इसके अलावा पंचायत भवन में इंटरलॉकिंग के कार्य में मौके पर लंबाई सात मीटर और चौड़ाई 2.5 मीटर कम मिली। इसमें 16800 रुपये का फर्जी भुगतान होने की पुष्टि हुई। पंचायत भवन में दो सोकपिट का निर्माण न कराकर 16 हजार का फर्जी भुगतान सामने आया।
बसोखा मोहम्मदपुर पंचायत भवन का इस्टीमेट 17.78 लाख का बनाया गया था। जांच के दौरान मौके पर टाइल्स, वायरिंग, पुट्टी, रंगाई पुताई व इंटरलॉकिंग का कार्य नहीं मिला। मनरेगा से 77880 रुपये टाइल्स का भुगतान कराया गया।

चकलवंशी। मियागंज की पांच ग्राम पंचायतों में 19.78 लाख का घोटाला किया है। कमेटी ने सीडीओ को जांच रिपोर्ट देते हुए पंचायत सचिव को दोषी माना है। कमेटी ने उनसे सरकारी राशि की रिकवरी कराने की संस्तुति की है। सीडीओ दिव्यांशु पटेल ने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर बड़ी कार्रवाई की जाएगी।

ब्लाक प्रमुख धर्मेंद्र सिंह की शिकायत पर सीडीओ ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित की थी। टीम में बीडीओ पंकज गौतम, आरईएस के अवर अभियंता मुकेश कुमार व लघु सिंचाई जेई राजेश कुमार को शामिल किया गया था। टीम ने गांव जाकर जांच पड़ताल की तो घोटाले का खुलासा हुआ। बीडीओ ने रिपोर्ट सीडीओ को भेजकर इन गांवों के पंचायत सचिव अनिल राना को घोटाले का दोषी मानते हुए सरकारी धनराशि की रिकवरी कराने की संस्तुति की है।

अहमदपुर टकटौली ग्राम पंचायत में 100 हैंडपंप मरम्मत एवं एक रीबोर के लिए 3.41 लाख रुपये निकाले गए। मौके पर 50 हैंडपंप एवं एक का रीबोर नहीं मिला। 1.44 लाख का भुगतान बिना कार्य कराए ही कर दिया गया। प्रशासनिक मद से 1.04 लाख का फर्जी भुगतान किए जाने की पुष्टि हुई। रामसजीवन के घर से रामकेशन के घर तक खड़ंजा निर्माण 10 साल पहले कराया गया था। इसी निर्माण का 99534 रुपये का फर्जी भुगतान किया गया।

सुंधारी खुर्द में हैंडपंप एवं रीबोर में 3.45 लाख रुपये का भुगतान किया गया। जांच में 60 हैंडपंप की मरम्मत और एक का रीबोर नहीं मिला। इसमें 1.33 लाख का भुगतान बिना कार्य किए ही करने की पुष्टि हुई। सामुदायिक शौचालय में 2.83 लाख रुपये का ज्यादा भुगतान किया गया। गांव में ही 6.51 लाख रुपये का फर्जी भुगतान कई मदों में दिखाया गया।

गोबरि में हैंडपंप मरम्मत एवं रीबोर में 49420 रुपये का भुगतान किया गया। जांच में पता चला कि दो हैंडपंपों का रीबोर नहीं हुआ। 48220 रुपये का भुगतान बिना कार्य कराए ही कर दिया गया।

बिनैका ग्राम पंचायत में हैंडपंप मरम्मत एवं रीबोर में 1.35 लाख का भुगतान किया गया। जांच में 10 हैंडपंप और एक रीबोर का कार्य मौके पर नहीं पाया गया। इसमें 53350 रुपये का भुगतान बिना कार्य कराए ही कर दिया गया। इसके अलावा पंचायत भवन में इंटरलॉकिंग के कार्य में मौके पर लंबाई सात मीटर और चौड़ाई 2.5 मीटर कम मिली। इसमें 16800 रुपये का फर्जी भुगतान होने की पुष्टि हुई। पंचायत भवन में दो सोकपिट का निर्माण न कराकर 16 हजार का फर्जी भुगतान सामने आया।

बसोखा मोहम्मदपुर पंचायत भवन का इस्टीमेट 17.78 लाख का बनाया गया था। जांच के दौरान मौके पर टाइल्स, वायरिंग, पुट्टी, रंगाई पुताई व इंटरलॉकिंग का कार्य नहीं मिला। मनरेगा से 77880 रुपये टाइल्स का भुगतान कराया गया।