Cultural – राजा जनक दरबार में पधारे राजा महाराजा

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रामगढ़। सीमावर्ती गांव केसौ मनहासा और सवांखा में वीवार को पहले दिन रामलीला का मंचन किया गया। इस दौरान रामलीला में राम जन्म के बाद जो उनकी शिक्षा दीक्षा का मंचन किया गया। इसके साथ ही मंच पर राजा जनक का दरबार सजाया गया, जिसमें सीता स्वयंवर के लिए राजा महाराजा पधारे। दरबार में भगवान शिव के धनुष को तोड़कर सीता के विवाह का मंचन किया गया।
सीता से विवाह करने की इच्छा से एक से एक बलवान और पराक्रमी राजा महारजा जनक के दरबार में आए। इनमें रावण भी मौजूद रहा। सभी ने ऐड़ी चोटी का जोर लगाया, लेकिन कोई भी शिव के धनुष को उठाने में सफल नहीं हुआ। स्थानीय लोगों ने बताया कि मंच की बनावट, खूबसूरत होने से दूर बैठा व्यक्ति भी मंचन का पूरा आनंद उठा सकेगा। उन्होंने बताया कि दो साल पहले भी यहां बड़ी संख्या में लोग रामलीला देखने पहुंचते थे। ऐसे में हमारी कोशिश यह रहती है कि हर व्यक्ति रामलीला का आनंद लेकर ही वापस जाए। क्लब के सदस्यों ने बताया कि जो लोग रामलीला देखने आएंगे उनकी सुरक्षा को लेकर भी इंतजाम किए गए हैं और कोरोना काल के चलते सभी प्रबंधन किए गए हैं।

रामगढ़। सीमावर्ती गांव केसौ मनहासा और सवांखा में वीवार को पहले दिन रामलीला का मंचन किया गया। इस दौरान रामलीला में राम जन्म के बाद जो उनकी शिक्षा दीक्षा का मंचन किया गया। इसके साथ ही मंच पर राजा जनक का दरबार सजाया गया, जिसमें सीता स्वयंवर के लिए राजा महाराजा पधारे। दरबार में भगवान शिव के धनुष को तोड़कर सीता के विवाह का मंचन किया गया।

सीता से विवाह करने की इच्छा से एक से एक बलवान और पराक्रमी राजा महारजा जनक के दरबार में आए। इनमें रावण भी मौजूद रहा। सभी ने ऐड़ी चोटी का जोर लगाया, लेकिन कोई भी शिव के धनुष को उठाने में सफल नहीं हुआ। स्थानीय लोगों ने बताया कि मंच की बनावट, खूबसूरत होने से दूर बैठा व्यक्ति भी मंचन का पूरा आनंद उठा सकेगा। उन्होंने बताया कि दो साल पहले भी यहां बड़ी संख्या में लोग रामलीला देखने पहुंचते थे। ऐसे में हमारी कोशिश यह रहती है कि हर व्यक्ति रामलीला का आनंद लेकर ही वापस जाए। क्लब के सदस्यों ने बताया कि जो लोग रामलीला देखने आएंगे उनकी सुरक्षा को लेकर भी इंतजाम किए गए हैं और कोरोना काल के चलते सभी प्रबंधन किए गए हैं।