Culture Council Indore The life story of the great poet Kalidas shown through dance

Publish Date: | Mon, 20 Sep 2021 12:25 PM (IST)

इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि, Culture Council Indore। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद द्वारा आयोजित गमक कार्यक्रम में शहर के कलाकारों द्वारा प्रस्तुति दी गई। इंटरनेट मीडिया के माध्यम से यह प्रस्तुति कला रसिकों के लिए प्रसारित की गई। इस आयोजन में इस बार वरदा कला संस्थान की नृत्यांगनाओं ने प्रस्तुति दी। नृत्यांगनाओं ने भरतनाट्यम नृत्य के जरिए महाकवि कालिदास के जीवन और रचनाओं को बताने का प्रयास किया। ‘निर्मल संस्कृत निर्झरणी” नृत्य नाटिका नाम से प्रस्तुत की गई इस प्रस्तुति में कथा के साथ नृत्य का सुंदर समावेश था।

नृत्यगुरु श्रुति राजीव शर्मा के निर्देशन में मृत्युंजय, अक्षरा, प्रियांशी, चिन्मयी, सारा, अनघा और अनिका ने इस आयोजन में प्रस्तुति दी। शर्वाणी जोशी के शब्दांकन पर यह प्रस्तुति दी गई जिसमें संस्कृत भाषा, उसकी विशिष्टताएं, दैवीय विशेषताएं, अध्यात्म जगत में महत्वपूर्ण स्थान आदि विषयों पर प्रकाश डाला गया। श्रुति राजीव शर्मा ने बताया कि महाकवि कालिदास पर आधारित इस प्रस्तुति का उद्देश्य वर्तमान पीढ़ी को इतिहास, साहित्य और कला-संस्कृति से रूबरू कराना था।

कवि कालिदास, संस्कृत के समृद्ध साहित्य का महत्व और मालवा का साहित्य के क्षेत्र में योगदान आदि बातों का समावेश इस प्रस्तुति में किया गया। वास्तव में यह नृत्य नाटिका थी जिसमें नृत्य के माध्यम से कथा को व्यक् किया गया जिसमें संवाद भी थे और स्वर भी। इस कार्यक्रम में सर्वप्रथम पुष्पांजली अर्पित की गई। कालिदास के आरंभिक संघर्ष व देवी की कृपा प्राप्ति से ज्ञानार्जन व विध्नविनायक की अनुकंपा को गणेश वंदना द्वारा, दैविय आशिर्वाद से, कालिदास की वाणी पर चमत्कारिक प्रभाव ,आन्तरिक चक्षु का उन्मिलन और परिणामवश उनका भारतीय शास्त्रीय परम्परा के महापण्डित के पद पर प्रतिष्ठित होना, शारदा मां कृपा, कालिदास द्वारा किया गया ऋतुचक्र का अद्वितीय विस्तृत वर्णन, मानवीय राग और कोमल भावनाओं अद्भुत वर्णन को कलाकारों ने नृत्य के जरिए दर्शाने का प्रयास किया।

Posted By: gajendra.nagar

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