Dino Morea on his career and regrets: dino morea reveals he got ill advised in career and did few films which he should not have- डीनो मोरिया को करियर में मिली गलत सलाह, बोले- वो फिल्में कीं जो नहीं करनी चाहिए थीं

हाल ही आए वेब शो ‘द अम्पायर’ (The Empire) में निभाए शायबानी खान के किरदार के लिए डीनो मोरिया (Dino Morea) जबरदस्त तारीफें बटोर रहे हैं। इंडस्ट्री वाले अब उन्हें एक नई नजर से देख रहे हैं। इस रोल के लिए डीनो मोरिया ने सिर्फ अपनी स्टीरियोटाइप्ड चॉकलेट इमेज को तोड़ा बल्कि अपने लिए एक नया रास्ता भी बनाया है। इतनी तारीफें मिलने से डीनो मोरिया खुश तो हैं, पर उनके मन में कहीं न कहीं एक टीस है।

डीनो मोरिया ने हाल ही ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ को दिए इंटरव्यू में इस बारे में बात की और बताया कि 90 के दशक में डेब्यू से लेकर अब तक क्या बदलाव आया। डीनो मोरिया ने इस बात का भी खुलासा किया कि कुछ लोगों ने उन्हें करियर में गलत सलाह दी, जिसके कारण उन्होंने कुछ ‘खराब फिल्में’ कीं।

‘जिनके लिए रोमांटिक हीरो था, वही अलग नजरों से देख रहे’
डीनो मोरिया ने बताया कि इंडस्ट्री में अभी तक सब लोग उन्हें एक ‘चॉकलेट बॉय’ वाली इमेज में ही देख रहे थे, जबकि उन्हें इस बात का इंतजार था कि कोई उन्हें अलग नजर से देखे। कुछ ‘आउट ऑफ द बॉक्स’ ऑफर करे। डीनो बोले, ‘हर कोई मुझे एक रोमांटिक और गुड लुकिंग वाले रोल में देख रहा था, न कि इस तरह के रोल में। अब इस रोल को निभाने के बाद मैं अचानक ही सबके लिए कुछ ‘नया’ बन गया हूं। डायरेक्टर्स अब बाकी लोगों को बोल रहे हैं कि देखो डीनो रोमांटिक हीरो था। ओह गॉड, अब देखो इसे।’


डीनो मोरिया की मानें तो उस रोमांटिक और चॉकलेटी इमेज से निकलने के लिए इस तरह (शायबानी खान) के किरदार बहुत जरूरी है। डीनो अब उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले वक्त में उन्हें इसी तरह के रोल ऑफर हों। लोग उन्हें देखने से ज्यादा प्ले किए जा रहे किरदार पर ध्यान दें।


‘चॉकलेटी बॉय’ इमेज बनी रुकावट? गलत सलाह से बिगड़ी बात
डीनो मोरिया से जब पूछा गया कि क्या उनकी ‘चॉकलेटी बॉय’ वाली इमेज करियर में रुकावट बनी? तो इसके जवाब में डीनो ने बताया कि उन्हें करियर में पहला मौका (1999 में आई फिल्म प्यार में कभी कभी) इसलिए मिला था क्योंकि मेकर्स मेरे जैसा दिखने वाला लड़का चाहते थे। इसके बाद फिर फिल्म ‘राज़’ मिली। बकौल डीनो मोरिया, ‘करियर के उस पॉइंट पर मुझे गलत सलाह दी गई। मैंने तब कुछ ऐसी फिल्में कर लीं, जो शायद मुझे नहीं करनी चाहिए थीं। हालांकि मुझे अब कोई पछतावा नहीं है। शायद इसी तरह मैंने सीखा है।