Iftikharuddin Case Kanpur SIT investigate videos of religion conversion and communal statements of IAS Iftikharuddin

Iftikharuddin Case Kanpur इफ्तिखारुद्दीन के कई वीडियो वायरल हुए थे। मीडिया को चार वीडियो ही मिले थे जिनके प्रकाश में आते ही शासन ने वरिष्ठ आइएएस के खिलाफ एसआइटी जांच का आदेश दिया था। एसआइटी में महानिदेशक सीबीसीआइडी जीएल मीणा और एडीजी कानपुर जोन भानु भाष्कर शामिल हैं।

कानपुर, जेएनएन।  Iftikharuddin Case Kanpur वरिष्ठ आइएएस और कानपुर के पूर्व कमिश्नर रहे मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन के पचास से ज्यादा वीडियो एसआइटी (विशेष जांच दल) को अब तक मिले चुके हैं। इन वीडियो के सामने आने के बाद तय माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में पूर्व कमिश्नर की मुश्किलें बढ़ेंगी। वहीं दूसरी ओर एसआइटी ने अब तक की जांच में यह भी मान लिया है कि जो भी वीडियो मिले हैं, उनमें से अधिकतर कानपुर मंडलायुक्त आवास पर ही बने। हालांकि एसआइटी अध्यक्ष ने आगे की रणनीति के बारे में पूरी तरह से इंकार दिया।

पिछले दिनों पूर्व कमिश्नर इफ्तिखारुद्दीन के कई वीडियो वायरल हुए थे। मीडिया को चार वीडियो ही मिले थे, जिनके प्रकाश में आते ही शासन ने वरिष्ठ आइएएस के खिलाफ एसआइटी जांच का आदेश दिया था। एसआइटी में महानिदेशक सीबीसीआइडी जीएल मीणा और एडीजी कानपुर जोन भानु भाष्कर शामिल हैं। इन वीडियो में पूर्व कमिश्नर धार्मिक कट्टरता की पाठशाला चलाते हुए दिखाई पड़े थे। शुक्रवार को महानिदेशक सीबीसीआइडी जीएल मीणा ने मीडिया के साथ एक अनौपचारिक बातचीत में स्वीकार किया कि पूर्व कमिश्नर की तकरीरों से जुड़े पचास से ज्यादा वीडियो अब तक एसआइटी को मिल चुके हैं। हालांकि उन्होंने इस तथ्य की जानकारी नहीं दी कि इतने सारे वीडियो कहां से आए। यह वीडियो 20 सेकेंड से लेकर पंद्रह मिनट तक के हैं। वहीं दूसरी ओर बताया यह भी जा रहा है कि एक वीडियो ऐसा भी है, जो कि करीब एक घंटे का है। इसके अलावा एक सवाल के जवाब मेें महानिदेशक ने स्वीकार किया कि अधिकांश वीडियो मंडलायुक्त आवास के ही हैं। गौरतलब है कि जांच के दौरान उन्हें वही लोकेशन मिल गया है, जो वीडियो में दिखाई पड़ रहा है। पुराने बंगलों में आग तापने वाला स्थान और मेहराब वीडियो में है और दोनों मौके पर भी मिले। 

छह टीमें लिपिबद्ध कर रहीं तकरीर : पूर्व कमिश्नर की तकरीरों से जुड़े सभी वीडियो को लिपिबद्ध किया जा रहा है। इसके लिए लैपटाप के साथ छह टीमों को वीडियो को सुनने के लिए लगाया गया है। वीडियो में कहे गए एक-एक शब्द को यह टीम लिपिबद्ध कर रही है, ताकि जांच रिपोर्ट में इसका साफ साफ जिक्र हो कि पूर्व कमिश्नर ने अपनी तकरीरों में क्या-क्या कहा।