marine engineering jobs: Career after 12th: क्‍या है मरीन इंजीनियरिंग? जानें इस फील्ड में मिलेंगे कितने करियर ऑप्शन – marine engineering career options, courses and salary

हाइलाइट्स

  • जहाज़ों के टेक्निकल मैनेजमेंट की देखरेख करते हैं मरीन इंजीनियर
  • यहां जानें इस फील्ड में हैं कितने करियर ऑप्शन
  • जानें मरीन इंजीनियरिंग की बेस्ट कॉलेज लिस्ट

Marine Engineering Jobs: अगर आप उन लोगों में से हैं जिन्‍हें आपको समुद्र व उसकी लहरों से लगाव है और समुद्र में घूमना पसंद है तो मरीन इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अपना करियर बना सकते हैं। मरीन इंजीनियरिंग एक शानदार करियर ऑप्‍शन है। इसमें आपको देश-विदेश में घूमने की सहूलियत के साथ इंजीनियरिंग की दूसरी ब्रांचेस के मुकाबले अच्छी सैलरी मिलती है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में युवा इस क्षेत्र में आ रहे हैं। अगर आप भी इस क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो यहां आपको पूरी जानकारी मिलेगी।

क्‍या है मरीन इंजीनियरिंग (What is Marine Engineering)
मरीन इंजीनियर का कार्य जलपोतों निर्माण, रख-रखाव और इंस्टॉलेशन से जुड़ा होता है। इन दिनों जहाज भी मॉडर्न टेक्नोलॉजी और इक्विपमेंट से लैस रहने लगे हैं, जिन्हें हैंडल करने के लिए मरीन इंजीनियर्स की जरूरत पड़ती है। किसी शिप का चीफ मरीन इंजीनियर ही उस शिप और उसके कार्गो का इंचार्ज होता है। मरीन इंजीनियरिंग के तहत समुद्रों और तटीय इलाकों मे शोध भी किया जाता है। जहाज़ों के टेक्निकल मैनेजमेंट की सारी जिम्मेदारी मरीन इंजीनियर पर होती है जहाज के लिए डीजल इंजन स्टीम टरबाइन, गैस टरबाइन जैसे मशीनरी का चुनाव और मैकेनिक इलेक्टरीड फ्लूइड आर कंट्रोल सिस्टम (mechanic electried fluid are Control System) का डिजाइन भी मरीन इंजीनियर ही तैयार करते है।

कोर्स एवं योग्यता (Courses & Qualifications)
मरीन इंजीनियरिंग के अंडरग्रेजुएट कोर्स में एडमिशन लेने के लिए छात्रों को फिजिक्स, कैमिस्ट्री और मैथेमेटिक्स में कम से कम 50 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं पास होना जरूरी है। वहीं उम्र किसी भी सत्र के अगस्त तक 17 से 25 साल के बीच होनी चाहिए। इसके अलावा उन्हीं छात्रों को एडमिशन लेने का अवसर मिलता है, जिन्होंने आई.एम.यू (IMU) द्वारा आयोजित कॉमन एंट्रेंस टैस्ट की परीक्षा उत्तीर्ण की हो।
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मरीन इंजीनियरिंग का वर्क फील्‍ड (Work field of Marine Engineering)
अगर आप एक मरीन इंजीनियर बनते हैं तो आपको सामुद्रिक संरचना की अच्छी जानकारी होनी चाहिए। साथ ही मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की समझ होना भी बहुत जरूरी है। बदलते इंडस्ट्री के अनुसार वर्क फील्‍ड का दायरा भी कुछ अलग हो सकता है। वैसे तो एक मरीन इंजीनियर का मुख्य काम जहाज का निर्माण व मशीनरी की मरम्मत करना ही होता है लेकिन ये जहाजों और नौकाओं के डिजाइन की रूपरेखा तैयार करने समेत कई अन्य जिम्मेदारियां भी निभाते हैं। इसके अलावा ऑफशोर ऑइल व गैस के लिए ऑपरेटिंग प्लेटफॉर्म, पाइपलाइन आदि का निर्माण व डिजाइनिंग का काम भी इन्हीं के जिम्मे होता है। कई बार प्रोफेशनल्स को मरीन सर्वेयर की भूमिका भी निभानी पड़ती है, जिसके अंतर्गत जहाजों का परीक्षण, ऑफशोर इंस्टॉलेशन और सेफ्टी उपायों का अध्ययन आदि करना होता है। मरीन इंजीनियर में लीडरशिप क्वॉलिटी होनी भी बहुत जरूरी है क्योंकि उसे मरीन टेक्नीशियंस की टीम को मैनेज करना होता है।

करियर की संभावना (Career Prospect)
मरीन इंजीनियरिंग में आज करियर के बहुत से विकल्प मौजूद हैं। इस क्षेत्र मे छात्र केवल मरीन इंजीनियरिंग और नेवल आर्किटेक्ट तक ही सीमित नहीं है। मरीन इंजीनियर को डिज़ाइनिंग रिसर्च और कंसल्टेंसी से जुड़े क्षेत्रों में कार्य करने के लिए भी रखा जाता है। कोर्स पूरा करने के बाद आप इंडियन नेवी, मर्चेंट नेवी, जहाज निर्माण कंपनी, जहाजों का निरीक्षण करने वाली कंपनियों में नौकरी कर सकते हैं। साथ ही आप शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया में भी काम करने का मौका पा सकते हैं। अगर आप विदेश में नौकरी करना चाहते हैं, तो कई इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन में काम कर सकते हैं।
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सैलरी (Salary)
मरीन इंजीनियरिंग में जिस तरह जॉब्‍स की भरपूर संभावनाएं है, उसी तरह इस फील्‍ड में इंजीनियरों को अच्‍छी सैलरी भी मिलती है। एक मरीन इंजीनियरस को शुरुआत तौर पर 40 से 50 हजार रूपये प्रतिमाह तक मिल जाते हैं, वहीं अनुभव और ज्ञान बढ़ने के बाद इंजीनियरस की सैलरी कुछ वर्षों के अंदर ही लाखों में पहुंच जाती है।

मरीन इंजीनियरिंग कोर्स के लिए कुछ प्रमुख संस्‍थान (Institutes for Marine Engineering course)

  1. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी
  2. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओशनोग्राफी गोवा
  3. इंडियन मरीटाइम यूनिवर्सिटी, चेन्नई
  4. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पोर्ट मैनेजमेंट, कोलकाता
  5. आर.एल. इंस्टीट्यूट ऑफ नॉटिकल साइंसेस, मदुर
  6. कोचीन यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, केरल
  7. हिंद इंस्टीट्यूट ऑफ नॉटिकल साइंस एंड इंजीनियरिंग, अलीगढ़
  8. इंटरनेशनल मरीन कम्युनिकेशन सेंटर कोच्चि यूनिवर्सिटी
  9. महाराष्ट्र एकेडमी ऑफ नेवल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग पुणे
  10. इंडियन मेरी टाइम यूनिवर्सिटी तारातला कोलकाता