Only Four Days Of Coal Reserves Left In India May Cause Of Power Crisis In India – बिजली संकट का सामना: देश में सिर्फ चार दिनों के लिए ही बचा कोयले का स्टॉक, चीन जैसे हो सकते हैं हालात

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Wed, 06 Oct 2021 09:10 AM IST

सार

Electricity shortage: आने वाले दिनों में आपके घर की बिजली गुल हो सकती है क्योंकि देश में केवल चार दिन का कोयला बचा हुआ है। बता दें कि भारत में बिजली उत्पादन करने के लिए सबसे अधिक इस्तेमाल कोयले का ही होता है। 

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आने वाले दिनों में आपके घर की बिजली गुल हो सकती है क्योंकि देश में केवल चार दिन का कोयला बचा हुआ है। ऊर्जा मंत्रालय के मुताबिक कोयले पर आधारित बिजली उत्पादन केंद्रों में कोयले का स्टॉक बहुत कम हो चुका है।बता दें कि देश में 70 फीसदी बिजली उत्पादन  कोयले  के द्वारा ही होता है। जानकारी के मुताबिक कुल 135 थर्मल पावर प्लांट्स में से 72 के पास कोयले का तीन दिन से भी कम का स्टॉक बचा हुआ है। जबकि 50 पावर प्लांट ऐसे है जहां कोयले का चार से 10 दिन का स्टॉक है।

आखिर क्यों आया यह संकट 
ऊर्जा मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार बिजली संकट के पीछे एक वजह कोरोना काल भी है जिसमें दफ्तर के काम से लेकर अन्य काम घर से ही निपटाए जा रहे थे और लोगों ने इस दौरान जमकर बिजली का इस्तेमाल किया। दूसरी वजह हर घर बिजली देने का लक्ष्य, जिससे पहले के मुकाबले बिजली की मांग काफी बढ़ी हुई है। ऊर्जा मंत्रालय के एक आंकड़े के अनुसार 2019 में अगस्त-सितंबर महीने में बिजली की कुल खपत 10 हजार 660 करोड़ यूनिट  प्रति महीना थी। यह आंकड़ा 2021 में बढ़कर 12 हजार 420 करोड़ यूनिट प्रति महीने तक पहुंच गया है। 

भारी बारिश से खदानों में भरा पानी
वहीं अधिकारियों का कहना है कि भारी बारिश के कारण खदानों में पानी भर जाने की वजह से कोयले की निकासी नहीं हो पा रही है। केवल यूपी ही नहीं पूरे देश में कोयले का संकट खड़ा हुआ है। जिन बिजलीघरों में कोयले का स्टॉक कम रह गया है वहां उत्पादन घटा दिया गया है ताकि इकाइयां पूरी तरह बंद करने की नौबत न आए। यूपी में बिजली के उत्पादन में तक रीबन 2000 मेगावाट की कमी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि चूंकि अभी मांग बहुत ज्यादा नहीं है इसलिए स्थिति नियंत्रण में है। लेकिन, इसी सप्ताह नवरात्रि के साथ शुरू हो रहे त्यौहारी सीजन में मांग बढ़ने की संभावना है। 

2019 के मुकाबले 2021 में 18 फीसदी तक बढ़ गई है कोयले की खपत
2021 के अगस्त-सितंबर महीने में कोयले की खपत 2019 के मुकाबले 18 फीसदी तक बढ़ गई है। भारत के पास बहुत बड़ा कोयला का भंडार है, लेकिन खपत बढ़ने से इसपर बुरा प्रभाव पड़ा है। इसके अलावा भारत को कोयले का आयात इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका जैसे देशों से करता है। सबसे बड़ी बात यह भी है कि कोयले की कीमत में तिगुनी वृद्धि हो गई है।

चीन में भी बिजली संकट
बता दें कि पिछले दिनों चीन के कई प्रांतों में कोयले की कमी के कारण लोगों को बिजली की खपत घटाने को कहा गया था। ये सिलसिला दस दिन पहले शुरू हुआ। सबसे पहले झेजियांग प्रांत में बिजली कारखानों को हर तीन दिन पर 24 घंटों के लिए उत्पादन रोकने को कहा गया। इस कारण शॉपिंग मॉल्स, सिनेमा घरों, बार आदि को अपने काम के घंटे कम करने और हीटिंग सिस्टम को बंद करने का निर्देश दिया गया। चाइना इकॉनोमिक वीकली ने ये खबर छापी है। बाद में उसके आधार पर दूसरे चीनी समाचार माध्यमों ने भी ये खबर दी थी। अब इसी तरह के हालात भारत में भी उत्पन्न हो रहे हैं। 

विस्तार

आने वाले दिनों में आपके घर की बिजली गुल हो सकती है क्योंकि देश में केवल चार दिन का कोयला बचा हुआ है। ऊर्जा मंत्रालय के मुताबिक कोयले पर आधारित बिजली उत्पादन केंद्रों में कोयले का स्टॉक बहुत कम हो चुका है।बता दें कि देश में 70 फीसदी बिजली उत्पादन  कोयले  के द्वारा ही होता है। जानकारी के मुताबिक कुल 135 थर्मल पावर प्लांट्स में से 72 के पास कोयले का तीन दिन से भी कम का स्टॉक बचा हुआ है। जबकि 50 पावर प्लांट ऐसे है जहां कोयले का चार से 10 दिन का स्टॉक है।

आखिर क्यों आया यह संकट 

ऊर्जा मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार बिजली संकट के पीछे एक वजह कोरोना काल भी है जिसमें दफ्तर के काम से लेकर अन्य काम घर से ही निपटाए जा रहे थे और लोगों ने इस दौरान जमकर बिजली का इस्तेमाल किया। दूसरी वजह हर घर बिजली देने का लक्ष्य, जिससे पहले के मुकाबले बिजली की मांग काफी बढ़ी हुई है। ऊर्जा मंत्रालय के एक आंकड़े के अनुसार 2019 में अगस्त-सितंबर महीने में बिजली की कुल खपत 10 हजार 660 करोड़ यूनिट  प्रति महीना थी। यह आंकड़ा 2021 में बढ़कर 12 हजार 420 करोड़ यूनिट प्रति महीने तक पहुंच गया है। 

भारी बारिश से खदानों में भरा पानी

वहीं अधिकारियों का कहना है कि भारी बारिश के कारण खदानों में पानी भर जाने की वजह से कोयले की निकासी नहीं हो पा रही है। केवल यूपी ही नहीं पूरे देश में कोयले का संकट खड़ा हुआ है। जिन बिजलीघरों में कोयले का स्टॉक कम रह गया है वहां उत्पादन घटा दिया गया है ताकि इकाइयां पूरी तरह बंद करने की नौबत न आए। यूपी में बिजली के उत्पादन में तक रीबन 2000 मेगावाट की कमी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि चूंकि अभी मांग बहुत ज्यादा नहीं है इसलिए स्थिति नियंत्रण में है। लेकिन, इसी सप्ताह नवरात्रि के साथ शुरू हो रहे त्यौहारी सीजन में मांग बढ़ने की संभावना है। 

2019 के मुकाबले 2021 में 18 फीसदी तक बढ़ गई है कोयले की खपत

2021 के अगस्त-सितंबर महीने में कोयले की खपत 2019 के मुकाबले 18 फीसदी तक बढ़ गई है। भारत के पास बहुत बड़ा कोयला का भंडार है, लेकिन खपत बढ़ने से इसपर बुरा प्रभाव पड़ा है। इसके अलावा भारत को कोयले का आयात इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका जैसे देशों से करता है। सबसे बड़ी बात यह भी है कि कोयले की कीमत में तिगुनी वृद्धि हो गई है।

चीन में भी बिजली संकट

बता दें कि पिछले दिनों चीन के कई प्रांतों में कोयले की कमी के कारण लोगों को बिजली की खपत घटाने को कहा गया था। ये सिलसिला दस दिन पहले शुरू हुआ। सबसे पहले झेजियांग प्रांत में बिजली कारखानों को हर तीन दिन पर 24 घंटों के लिए उत्पादन रोकने को कहा गया। इस कारण शॉपिंग मॉल्स, सिनेमा घरों, बार आदि को अपने काम के घंटे कम करने और हीटिंग सिस्टम को बंद करने का निर्देश दिया गया। चाइना इकॉनोमिक वीकली ने ये खबर छापी है। बाद में उसके आधार पर दूसरे चीनी समाचार माध्यमों ने भी ये खबर दी थी। अब इसी तरह के हालात भारत में भी उत्पन्न हो रहे हैं।