Religious Indore News If religion is removed from the society then the power and utility of the society will end

Publish Date: | Wed, 15 Sep 2021 12:04 PM (IST)

इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि, Religious Indore News। जिस तरह स्वर्ण से बने गहनों में से सोना हटा लिया जाए तो उसकी कोई कीमत नहीं रह जाती है। इसी तरह यदि समाज से धर्म हटा लिया जाए तो समाज की सत्ता और उपयोगिता खत्म हो जाएगी। धर्म हमें कर्तव्य का बोध कराता है। महापुरुषों के आचरण और उनकी वाणी को देख-सुन कर लोग धर्म की राह पर चलते हैं। बाबा बालमुकुंदजी ने गीता भवन की स्थापना कर समाज को एक ऐसा तीर्थ स्थल दिया है, जहां से मानव मात्र को अपने जीवन की सही दिशा और लक्ष्य की ओर बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। अनीति के रास्ते पर चलने से धर्म ही हमें रोकता है।

यह बात गीता भवन के संस्थापक बाबा बालमुकुंद की 39 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर गोधरा की साध्वी परमानंदा सरस्वती ने कही। इस अवसर समाजसेवी टीकमचंद गर्ग मुख्य अतिथि थे। प्रारंभ में गीता भवन सत्संग सभागृह में गीता भवन ट्रस्ट के अध्यक्ष गोपालदास मित्तल, मंत्री राम ऐरन, रामविलास राठी, सोमनाथ कोहली, महेशचंद्र शास्त्री, दिनेश मित्तल, मनोहर बाहेती, प्रेमचंद गोयल, हरीश जाजू आदि ने अतिथियों के साथ बाबा बालमुकुंद के चित्र पर पुष्पांजलि समर्पित की। गीता भवन के भक्तों ने भी मास्क एवं शारीरिक दूरी के नियम का पालन करते हुए कतारबद्ध हो कर उनके चित्र पर पुष्प समर्पित किए। साध्वी परमानंदा सरस्वती के प्रवचनों के बाद सभी उपस्थित स्नेहीजन एवं अतिथि गीता भवन के पीछे स्थित बाबाजी की समाधि पर पहुंचे और पुष्पांजलि समर्पित की। संचालन महेशचंद्र शास्त्री ने किया। आभार मंत्री राम ऐरन ने माना।

Posted By: gajendra.nagar

NaiDunia Local
NaiDunia Local