Sonbhadra cyber crime news| health department| account| 77 lakhs Rupees| online fraud| Crime News| Uttar Pradesh News | Sonbhadra Cyber Crime News: स्वास्थ्य महकमे के खाते से 77 लाख उड़ाने का खुलासा, बिहार के सगे भाइयों और दोस्तों ने किया था ऑनलाइन फ्राड

Sonbhadra Cyber Crime News: सोनभद्र में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के खाते से आठ माह पूर्व ऑनलाइन फ्रॉड के जरिए 77 लाख रुपये उड़ाए जाने के मामले का खुलासा हो गया है। इसके जरिए बिहार के भागलपुर से सगे भाइयों और उसके दोस्तों के गिरोह द्वारा ऑनलाइन फ्रॉड रैकेट का संचालन किए जाने का मामला सामने आया है। इस गिरोह के एक कथित सरगना को मिर्जापुर में रविवार को साइबर क्राइम पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया। उससे पूछताछ में पुलिस को जहां ऑनलाइन फ्राड के अपनाए जाने वाले तरीकों के बारे में पता चला है। वहीं गिरोह से जुड़े कई नाम भी सामने आए हैं। इसके आधार पर पुलिस गिरोह के छह सदस्यों को दबोचने की कार्रवाई में जुट गई है।

फरवरी माह के पहले सप्ताह में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सोनभद्र स्थित खाते से साइबर क्राइम के जरिए 77 लाख रुपये उड़ाए जाने का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया था। गत नौ फरवरी 2021 को अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनोद कुमार अग्रवाल ने इस मामले में परिक्षेत्रीय साइबर क्राइम थाना मिर्जापुर में एफआईआर दर्ज कराई थी। वहीं निदेशालय स्तर से इसको लेकर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के भी निर्देश जारी किए गए थे। विभागीय जांच के साथ ही एफआईआर की भी हिदायत दी गई थी। किसी तरह मामला मैनेज कर संबंधित अधिकारियों कर्मचारियों ने अपने ऊपर गाज गिरने से तो बचा ली लेकिन रुपया कहां गया? यह सवाल बना रहा।

जिले के एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह के मुताबिक रविवार को ऑनलाइन फ्राड कर रुपए उड़ाने वाले गिरोह से जुड़ा एक व्यक्ति मिर्जापुर की साइबर क्राइम पुलिस के हत्थे चढ़ा तो इस घटना की परत दर परत खुलती चली गई। पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक रोडवेज बस स्टैंड मिर्जापुर के पास से गिरफ्तार किए गए नाजिम हाशमी पुत्र मोहम्मद हाशिम निवासी इशीपुर थाना इशीपुर, जनपद भागलपुर, बिहार ने पूछताछ में बताया है कि उसका भाई काजिम हाशमी ब्लॉक में डाटा एंट्री ऑपरेटर का कार्य करता है और उसका दोस्त विनीत कुमार पुत्र रंभू प्रसाद निवासी राजगांव, थाना इशीपुर, जिला भागलपुर, बिहार एसबीआई का सीएसपी सेंटर चलाता है।

नाजिम ने बताया कि उसका भाई पीएफएमएस पोर्टल भी चलाना जानता है। उसके सहयोग से और यूट्यूब चैनल के जरिए पीएफएमएस पोर्टल कैसे काम करता है, इसकी जानकारी नाजिम ने और उसके भाई के दोस्त ने भी हासिल कर ली। इसके बाद तीनों ने मिलकर फर्जी डिजिटल सिग्नेचर बनाया। इसे फर्जी इमेल आईडी के जरिए पीएमएस पोर्टल पर रजिस्टर्ड कराया। इसके बाद अपने आसपास के खाता धारकों के खातों से फ्राड करके पैसा मंगाया। उसी तरीके से सोनभद्र के भी स्वास्थ्य महकमे के खाते से ₹77 लाख उड़ा लिए गए।

पुलिस के मुताबिक पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर नाजिम के एसबीआई के खाते में मौजूद एक लाख 20 हजार, पंजाब नेशनल बैंक के खाते में मौजूद ₹ दो लाख फ्रीज कराए गए। इसी तरह उसके भाई के खाते में मौजूद मिले ₹ पांच लाख पचास हजार फ्रिज करा दिया गया है। शेष रुपयों को लेकर भी प्रयास जारी है। ऑनलाइन फ्राड को लेकर भागलपुर पुलिस ने भी एक मुकदमा दर्ज किया हुआ है।